कैथल में हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू बर्खास्त: सोशल मीडिया पोस्ट और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई
- By Gaurav --
- Sunday, 01 Mar, 2026
Head Constable Sunil Sandhu dismissed in Kaithal: Action taken over
हरियाणा के कैथल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू को अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। शनिवार को उपासना सिंह, एसपी कैथल, ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि संधू ने विभागीय प्रक्रिया का पालन किए बिना सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर कलायत डीएसपी पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे पुलिस विभाग की छवि प्रभावित हुई।
मामले में ललित यादव (डीएसपी, कलायत) पर धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। जांच के लिए गुहला डीएसपी को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
क्या है पूरा विवाद?
23 फरवरी को सुनील संधू ने फेसबुक पोस्ट कर आरोप लगाया कि डीएसपी ने उन्हें झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी दी। इससे पहले 16 फरवरी को सिटी थाना क्षेत्र में नशा मुक्ति टीम की एक रेड हुई थी।
एसपी के अनुसार, रेड के दौरान एनडीपीएस एक्ट के नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे केस कमजोर हो गया और कार्रवाई विफल रही। जांच में यह जिम्मेदारी सुनील संधू पर तय की गई।
विवाद के बाद नशा मुक्ति टीम के 9 सदस्यों को लाइन हाजिर किया गया था।
सोशल मीडिया पर ‘ट्रायल’ का आरोप
एसपी उपासना सिंह ने कहा कि संधू को अगर शिकायत थी तो उन्हें उच्च अधिकारियों के पास जाना चाहिए था। लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट डालकर माहौल बनाया।
जांच अधिकारी की रिपोर्ट में कहा गया कि आरोप तथ्यहीन पाए गए। साथ ही, संधू द्वारा निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर नशा मुक्ति अभियान के वीडियो अपलोड करना भी नियमों के खिलाफ था।
सुनील संधू का पक्ष
पोस्ट में संधू ने लिखा कि उन्होंने प्रशासन के निर्देश पर नशे के खिलाफ अभियान चलाया, लेकिन अब उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वे कभी रिश्वत नहीं लेते और सच के साथ खड़े हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हैं।
वर्तमान स्थिति
विवाद के बाद से सुनील संधू बीमार बताए जा रहे हैं और कैथल के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। वे कैथल में अपने परिवार—पत्नी, दो बच्चों और मां—के साथ रहते हैं।
वे एक सामाजिक संगठन ‘मानवता विश्वास’ से भी जुड़े रहे हैं, जिसके माध्यम से जरूरतमंदों की मदद करते थे।